🛑 परिचय: क्या आप मुसीबत में पड़ने के लिए तैयार हैं?
भारत में क्रिप्टोकरेंसी से कमाया गया हर पैसा आपकी इनकम है, और इस पर टैक्स लगता है। कई निवेशकों को लगता है कि “विकेन्द्रीकृत (Decentralized)” होने के कारण उनका लेन-देन सरकार की नज़रों से छिपा रहेगा।
हमारा आग्रह: यदि आप अपनी मेहनत की कमाई गंवाना नहीं चाहते, तो इस गलत धारणा को छोड़ दें।
यह लेख आपको दिखाता है कि सरकार आपके क्रिप्टो लेन-देन को कैसे ट्रैक कर रही है और आपको VDA टैक्स (30%) और TDS (1%) के जाल से बचने के लिए क्या करना चाहिए।
1. सबसे बड़ा मिथक: “सरकार मुझे ट्रैक नहीं कर सकती”
भारत सरकार (CBDT और FIU) आपके हर लेन-देन को ट्रैक कर रही है, भले ही आपने विदेशी एक्सचेंजों (Foreign Exchanges) का उपयोग किया हो।
- FIU और भारतीय एक्सचेंज: सभी भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंज (जैसे WazirX, CoinDCX) अब PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के तहत आते हैं। उन्हें आपके KYC, आपके बैंक लेन-देन, और आपके सभी जमा/निकासी (Deposits/Withdrawals) का विस्तृत रिकॉर्ड रखना होता है और इसे FIU (Financial Intelligence Unit) को रिपोर्ट करना होता है।
- TDS का जाल: जब आप किसी भारतीय एक्सचेंज पर ₹10,000 से अधिक का लेन-देन करते हैं, तो 1% TDS काट लिया जाता है। यह TDS आपके पैन (PAN) नंबर से जुड़ा होता है। इसका मतलब है कि IT विभाग को पहले ही पता चल गया है कि आपने बाज़ार में कितनी गतिविधि की है।
- निष्कर्ष: यदि आप टैक्स फाइल नहीं करते हैं, तो IT नोटिस केवल समय की बात है, “यदि” की नहीं।
2. दर्दनाक वास्तविकता: VDA (30%) और TDS (1%) का गणित
क्रिप्टोकरेंसी को अब भारत में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) माना जाता है। इस पर दो नियम लागू होते हैं:
VDA पर 30% आयकर (Income Tax)
- नियम: VDA की बिक्री से होने वाले सभी मुनाफ़े पर 30% फ्लैट टैक्स लगता है।
- सबसे बड़ा झटका: आप किसी भी VDA ट्रेड में हुए नुकसान (Loss) को किसी अन्य VDA मुनाफ़े से या अपनी सामान्य आय (Salary, Business) से समायोजित (Set-off) नहीं कर सकते।
- लागत: 30% टैक्स की गणना करते समय, आप केवल खरीद मूल्य (Cost of Acquisition) को घटा सकते हैं। खनन (Mining) या एक्सचेंज से जुड़ी गैस फीस (Gas Fees) जैसी लागतों को घटाने की अनुमति नहीं है।
TDS (स्रोत पर कर कटौती) 1%
- नियम: 1 जुलाई 2022 से, यदि आप ₹10,000 से अधिक मूल्य के VDA खरीदते हैं, तो खरीदार (Buyer) को बेचने वाले (Seller) के भुगतान से 1% TDS काटकर सरकार को जमा करना होता है। एक्सचेंज यह काम आपके लिए करते हैं।
- TDS का उद्देश्य: यह आपकी आय पर टैक्स नहीं है, बल्कि सरकारी ट्रैकिंग तंत्र है। यह सुनिश्चित करता है कि IT विभाग को आपके लेन-देन के बारे में पता चले।
3. अनुपालन समाधान: सुरक्षित निवेश के लिए 5 चरण (The Compliance Solution)
डरना बंद करें और अनुपालन शुरू करें। सुरक्षित निवेश के लिए इन 5 चरणों का पालन करें:
- सभी रिकॉर्ड रखें: अपनी सभी ट्रेडिंग, स्वैपिंग, स्टेकिंग रिवॉर्ड्स, एयरड्रॉप्स और ट्रांसफर का विस्तृत और व्यवस्थित रिकॉर्ड रखें।
- टैक्स सॉफ़्टवेयर का उपयोग करें: मैन्युअल कैलकुलेशन बहुत मुश्किल है। CoinTracker या Koinly जैसे सॉफ़्टवेयर का उपयोग करें जो आपकी सभी गतिविधियों को ट्रैक कर सके और TDS/VDA नियमों के अनुसार रिपोर्ट तैयार कर सके।
- नुकसान की रिपोर्ट करें: भले ही आप नुकसान को सेट-ऑफ नहीं कर सकते, फिर भी अपनी टैक्स फाइलिंग में सभी क्रिप्टो नुकसान (Losses) को रिपोर्ट करें। इससे भविष्य में नियमों में बदलाव आने पर आपको लाभ हो सकता है।
- TDS क्रेडिट लें: आपका 1% TDS आपके पैन से जुड़ा होता है। ITR फाइल करते समय, सुनिश्चित करें कि आप काटे गए TDS को अपनी कुल टैक्स देयता (Tax Liability) के सामने क्रेडिट के रूप में दावा करते हैं।
- आयकर रिटर्न (ITR) में रिपोर्टिंग: आपको अपने ITR फॉर्म (आमतौर पर ITR-2 या ITR-3) के ‘शेड्यूल VDA’ में अपने क्रिप्टो लेन-देन और मुनाफ़े का विस्तृत विवरण देना होगा।
निष्कर्ष: टैक्स अनुपालन ही एकमात्र रास्ता है
क्रिप्टो बाज़ार का भविष्य भारत में उज्जवल है, लेकिन यह केवल उन्हीं के लिए है जो नियमों का सम्मान करते हैं। टैक्स से बचना एक अस्थिर (Volatile) बाज़ार में निवेश करने से भी बड़ा जोखिम है।
हमारा अंतिम आग्रह: अपने मुनाफ़े पर 30% टैक्स देना 100% जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का सामना करने से बेहतर है। सही अनुपालन आपकी सबसे अच्छी सुरक्षा है।
लेखक: प्रांजल सिंह (Pranjal Singh)
प्रांजल सिंह वित्तीय विश्लेषण और अनुपालन (Compliance) में व्यापक अनुभव रखते हैं। उनकी विशेषज्ञता भारतीय नियामक ढांचे के भीतर क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन तकनीक के सुरक्षित उपयोग पर केंद्रित है। उनका मिशन है कि पाठकों को सरल और सटीक जानकारी प्रदान करके क्रिप्टो निवेश के कानूनी जोखिमों से बचाया जाए।
One thought on “क्रिप्टो टैक्स TDS नियम: क्या भारत सरकार आपका क्रिप्टो लेन-देन ट्रैक नहीं कर सकती? (यह आपकी सबसे बड़ी ग़लती है!)”